ऐ जल्दबाज़, सबर कर, तुझे खुशगवार नैमत मिलेगी तूने अल्लाह तआला को जाना और पहचाना ही नही अगर तूअल्लाह तआला को पहचान लेता तो शिकायत ना करता ना अन्दर ना बाहर, अगर तू अल्लाह को पहचान लेता तो उसके सामने बेजुबान बना रहता और उस से कुछ भी तलब ना करता ना अपनी दुआओ में गिड़गिड़ाता बल्कि तृू उसकी मआफरत करता और उस के साथ सबर करता। उस का हर काम सरापा मसलहत है वो तुझे आज़माता है ताकि देखे तू कैसे काम करता है वो तुझे जांच रहा है के तू उसके वादे पर भरोसा करने वाला है या नही ! तूये जानता भी है के वो तेरे हर हाल से वाकिफ है और तुझे देख रहा है!
सकार गौस पाक : फयूजे यज़दानी